हमारीवाणी

www.hamarivani.com

Labels

Popular Posts

Showing posts with label ज़िन्दगी. Show all posts
Showing posts with label ज़िन्दगी. Show all posts

Monday, February 4, 2013

यह कैसा दर्द है भाई..!

मनोज भट्ट
मनोज दिनेश चन्द्र भट्ट
अतिथि लेखक
(लेखक युवा पत्रकार हैं)

एक गुजारिश है यारों तुमसे,
कोई बाहर निकाले मुझे इस गम से!
बड़ी तकलीफ होती है,
जब उनका ख्याल आता है!
आंखो में आंसू, सीने में दर्द,
और दिल में न जाने कैसा तूफां आता है!
मुझे पता है, हाल उस ओर भी, कुछ ऐसा ही होगा!
सीने में लौ जगी होगी, मेरी मोहब्बत की
और आंसुओं के दरिया में, गुस्से का सैलाब होगा!
द्वंदों के महासमर के बाद भी,
उनके हांथों में तस्वीर होगी मेरी,
और खुदा के लिए तंज होगा!
कोई बताए, यह कैसा दर्द है भाई?
कोई जाए, और उधर भी मरहम लगाए भाई.......! 

Friday, January 18, 2013

ऐ ज़िंदगी, तुझे क्या दूं?


ऐ ज़िंदगी,
तुझे क्या दूं?
मौत का तोहफ़ा
या ज़िंदगी का गम?
चुनना तुझे ही है,
मै तो बस तेरा साया हूं!!

तू ऐसे ही
तड़पाती रह मुझे,
खुशी देकर
रुलाती रह हमें,
तुझे समझना है
अपना हूं या पराया हूं!!

जिनकी कभी
आदत भी नहीं,
उन्ही को
जोड़ दिया हमसे,
कभी सोचा?
तेरे पास क्यों आया हूं!

गलतियां
इतनी हसीं करती है,
रुलाकर फिर
हंसाने की सोचती है?
क्यों ऐसा?
जैसे
तू ही मुझमें समाया है!

ऐ ज़िंदगी
तुझे क्या दूं?
मौत का
या जिंदादिली का नाम?
स्वीकारना
तुझे ही है
तू लाई है
मुझे?
या
मैं खुद तेरे लिए आया हूं?
:स्वरचित(श्रवण शुक्ल"बालमन")
यह पोस्ट आप मेरे ब्लॉग पर भी पढ़ सकते हैं

@ बिना अनुमति प्रकाशन अवैध. 9871283999. Powered by Blogger.

blogger