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Friday, July 25, 2014

क्या है C-SAT विवाद ? क्यों है गुस्सा...



नमस्कार. मैं हूं श्रवण कुमार शुक्ल... 'जीवन एक संघर्ष' ब्लॉग पर आपका स्वागत है।..आज हम बात करेंगे UPSC परीक्षा को लेकर मचे बवाल पर...दिल्ली से लेकर इलाहाबाद... बनारस से लेकर भोपाल.... मुंबई से लेकर चेन्नई.. हैदराबाद से लेकर कोलकाता... हर जगह बवाल मचा हुआ है.. बवाल है,, यूपीएससी की परीक्षा सी-सैट को लेकर... हम इस पर आपकी राय भी लेंगे... और आपको बताएंगे भी... कि आखिर ये विवाद क्यों शुरु हुआ... औऱ इसकी जड़ क्या है...


सिविल सर्विसेज की परीक्षा में बैठने वाले छात्र देशभर में प्रदर्शन कर रहे हैं..इसकी वजह भी है.... दरअसल छात्रों ने सरकार से इस विवाद को सुलझाने की मांग की है.. जिसके लिए वो गावे-बगाहे प्रदर्शन करते रहे हैं..... छात्रों की मांग है कि सरकार तबतक इस परीक्षा को इस साल टाल दे... जबतक इस पर कोई फैसला न आ जाए...... जिसके बाद सरकार उनकी मांगों पर विचार करने का समय लेती है... और कहती है कि वो परीक्षा को लेकर बीच का रास्ता निकालने की कोशिश कर रही है.. लेकिन इस पर सरकार कोई निर्णय ले पाए.. लेकिन इससे पहले ही यूपीएससी के अधिकारी अड़ जाते हैं... और परीक्षार्थियों को एडमिट कार्ड भेजने लग जाते हैं... पिछले कुछ दिनों से एडमिट कार्ड भेजे जा रहे हैं.. जिसे छात्र रुकवाने की मांग करते हैं.. लेकिन जब यूपीएससी नहीं मानती तो छात्र उग्र प्रदर्शन पर उतर आते हैं....आइए.. अब आपको दो तस्वीरें दिखाते हैं... जो गुरुवार(24/07/2014) के देर रात की है...



दोनों तस्वीरों में आप साफ देख सकते हैं.. किस तरह से यूपीएससी परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र उग्र हो चुके हैं... पहली तस्वीर में देखिए.. छात्रों ने वाहन में आग लगा दी है.... और दूसरी तस्वीर में देखिए... किस तरह छात्रों ने बस में तोड़फोड़ की है... ये दोनों तस्वीरें छात्रों के हंगामे की है... ये तस्वीरें उन छात्रों के हंगामें और गुस्से की हैं.. जिन्हें आगे चल कर आईएएस, पीसीएस, आईएफएस .. जैसी सेवाओं में भर्ती होकर देश चलाना है.... लेकिन वो हंगामा कर रहे हैं.. और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं...

अब हम आपको बताना चाहते हैं कि आखिर यूपीएससी को लेकर ये नाराजगी क्यों है... दरअसल ये नाराजगी सी-सैट नाम के पेपर को लेकर है...सी-सैट यानी . सिविल सर्विसेज एप्टिट्यूड टेस्ट ..... इन छात्रों की मांग है कि सी-सैट यानी सिविल सर्विसेज एप्टिट्यूड टेस्ट को खत्म कर परीक्षा में पुराने पैटर्न को लागू किया जाए. इन छात्रों का कहना है कि सी-सैट के आने से हिंदी भाषी छात्रों के लिए परीक्षा पास करने में काफी मुश्किलें आ रही हैं. अंग्रेजी को पास करने की अनिवार्यता हिंदी भाषी छात्रों के लिए परीक्षा पास करने में रोड़े अटका रही है.

आइए जानते हैं कि आखिर सी-सैट पेपर क्या है..

क्या है सी-सैट पेपर
सी-सैट UPSC परीक्षार्थियों के लिए नए सिलेबस का तीसरा प्रश्नपत्र है
सी-सैट 100 नंबर के पेपर के रुप में है।
कॉमन एप्टिट्यूड टेस्ट का है पेपर
पहले ये पेपर 50-50 अंकों में दो भाषाओं में होता था।
पहली भाषा अंग्रेजी, दूसरी भाषा स्थानीय
लेकिन अब ये पेपर सिर्फ अंग्रेजी विषय के लिए कर दिया गया है
सी-सैट में स्थानीय भाषाओं को हटाने से हिंदी माध्यम के छात्रों को भारी नुकसान

यूपीएससी विवाद एक नजर में- 2011 में सिविल सर्विसेज परीक्षा का पैटर्न बदला गया... वैकल्पिक विषय की जगह सी-सैट का पैटर्न लाया गाया... सी-सैट के आने पर आरोप है कि उसमें अंग्रेजी भाषा को क्वालिफाई करना अनिवार्य कर दिया गया. .. हिंदी भाषी छात्रों का आरोप है कि सी-सैट के आने से उनका नुकसान हो रहा है और वे सिविल सर्विसेज के लिए क्वालिफाई नहीं कर पा रहे हैं.... छात्रों के मुताबिक सी-सैट में अंग्रेजी क्वालिफाई करना अनिवार्य होता है जबकि प्रश्नपत्र में अंग्रेजी का जो अनुवाद हिंदी में होता है वो सरल हिंदी न होकर बहुत ही जटिल होता है.... पिछले कई दिनों से यूपीएससी की तैयारी कर रहे हिंदी भाषी छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं और कुछ भूख हड़ताल पर भी हैं…………….सरकार ने इस मामले पर तीन सदस्यीय जांच कमेटी की रिपोर्ट आने तक यूपीएससी से परीक्षा टालने को कहा है. फिलहाल इस परीक्षा के लिए 24 अगस्त की तारीख तय की गई है... यूपीएससी की तैयारी कर रहे छात्रों के सामने इस बात का संकट उत्पन्न हो गया है कि आखिर वह किस पैटर्न को ध्यान में रखकर परीक्षा की तैयारी करें?..............


आइए.. अब जानिए कि आखिर सी-सैट पर विवाद क्यों मचा है.. और उसकी असली जड़ क्या है...

सी-सैट पर क्यों मचा है विवाद
अंग्रेजी भाषा की अनिवार्यता ही असली विवाद की जड़
सी-सैट के पेपर में ही सबसे ज्यादा छटनी होती है।
हिंदी भाषी और अन्य भारतीय भाषाओं के छात्रों को नए सिलेबस से भारी नुकसान
UPSC पर भेदभाव का आरोप
UPSC पर अंग्रेजी को बढ़ावा देने और अन्य भाषी विद्यार्थियों को फेल करने का आरोप
इंजीनियरिंग के छात्रों को मिल रही है सफलता
आर्ट साइंस के छात्रों को हो रहा है भारी नुकसान
सी-सैट पेपर को पहले की तरह करने की मांग

गुरुवार रात में छात्रों के गुस्से को आप देख ही चुके हैं... जिसे लेकर सरकार भी चिंतित है... सरकार की ये चिंता बिल्कुल भी गलत नहीं है... दरअसल सरकार इस पूरे विवाद की जड़ भी जानती है... खैर... सरकार का क्या नजरिया है... औऱ वो क्या कर रही है.. ये बातें हम आपको बताएंगे ही...लेकिन उससे पहले छात्रों के प्रदर्शन की दो और तस्वीरें दिखाते हैं.. साथ ही उन पर बरसे पुलिसिया कहर को भी


दो तस्वीरें आपके सामने है... आप पहली तस्वीर में देखिए.. किस तरह छात्र शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे हैं... लेकिन इनके ठीक विपरीत दूसरी तस्वीर में साफ देख सकते हैं.. किस तरह से छात्रों पर पुलिस वाले छात्रों को वैन में ठूंस रहे हैं...  इस तस्वीरों में दिख रहा कोई छात्र लखनऊ का हो सकता है.. तो कोई इलाहाबाद का... तो कोई वाराणसी का...कोई सुल्तानपुर का होगा.. तो कोई मुरादाबाद.. और बरेली का... ये बच्चे देश के अन्य हिस्सों के भी होंगे.. लेकिन चूंकि ये विवाद अंग्रेजी भाषा के वर्चस्व के विरोध को लेकर है... तो विवाद मुख्य रुप से य़ूपी और बिहार के भविष्य से ही जुड़ा है....


आपने पुलिस वालों की कार्रवाई और यूपीएससी छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन से लेकर गुस्से को भी देख पढ़ चुके हैं... लेकिन सरकार कुछ ठोस कार्रवाई करने की जगह सिर्फ दिलासे देने में जुटी है। कार्मिक राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह का कहना है कि सरकार छात्रों के साथ हैं.. लेकिन अब सवाल ये उठता है.. कि अगर सरकार छात्रों के साथ है तो फिर सरकार इनके भविष्य के लिए क्या कर रही है।

मैं इस मामले में आपसे और सरकार से कुछ सवाल पूछना चाहता है... जो सिर्फ परीक्षा या बच्चों से ही जुड़े न रहकर देश के भविष्य के साथ जुड़ा है..

सवाल ----
  1. छात्रों की मांग और सरकार के भरोसा दिलाने के बाद भी क्यों नहीं टाली गई परीक्षा ?
  2. अगर छात्रों के आरोप सही हैं तो सरकार खामोश क्यों है  ?
  3. सरकार क्यों खेल रही है देश के भविष्य के साथ ?
  4. सरकार के भरोसा दिलाने के बाद भी क्यों भेजे जा रहे हैं एडमिट कार्ड ?
  5. केस दर्ज होने के बाद क्या होगा छात्रों का भविष्य ?
  6. IAS, PCS, IFS अफसरों के रुप में क्यों थोपे जा रहे हैं अंग्रेजी भाषी ?
  7. अंग्रेजी भाषी अधिकारी जनता के साथ संवाद कैसे करेंगे?
  8. अंग्रेजी भाषी अधिकारी थोपकर देश को भाषाई तौर पर गुलाम बनाने की कोशिश क्यों ?
  9. मोदी सरकार प्रशासन में हिंदी को प्राथमिकता दे रही है, तो इस विवाद पर चुप क्यों है ?

सी-सैट विवाद पर आप भी अपनी राय रखिए...ताकि आपकी राय से और लोग भी लाभांवित हो सकें...

2 comments:

Smita Singh said...

बढ़िया जानकारी, अच्छा लेख

Sum1! said...

Csat ki jankari Galat hai. Na ye teesra paper hai na hi 100 number ka.

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