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Saturday, August 21, 2010

क्या हुआ ओजस के कमाऊ दावे का ?

यु तो बड़ी जोर शोर से प्रसारित किया गया की हिन्दी ब्लॉगिंग में आर्थिक मॉडल की कमी की शिकायत करने वाले हज़ारों-लाखों लोगों को आगरा की कंपनी ओजस सॉफ्टेक प्राइवेट लिमिटेड ने बड़ा तोहफा दिया है।

पर इस दावे की हवा क्यों निकल गई?

आखिर क्या हुआ उनके दावे का?
आइये हम बताते है उनके उस दावे का जिसकी कल्पना तो की गई परन्तु उसे अमली जामा नहीं पहनाया गया /

आइये हम आपको वो खबर दिखाते है जो लगभग हर जगह छपी और हर जगह प्रसारित की गई/ -------

बात १९ मई की है जब यह खबर मैंने देखी-

आगरा, 19 मई
हिन्दी ब्लॉगिंग में आर्थिक मॉडल की कमी की शिकायत करने वाले हज़ारों-लाखों लोगों को आगरा की कंपनी ओजस सॉफ्टेक प्राइवेट लिमिटेड ने बड़ा तोहफा दिया है। कंपनी ने अपना ‘एफिलेट प्रोग्राम’ आरंभ किया है, जिसका इस्तेमाल कर ब्लॉगर आय अर्जित कर सकते हैं। इस आय की कोई सीमा नहीं है,लिहाजा इसे आर्थिक मॉडल बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा सकता है।
ओजस सॉफ्टेक के इस एफिलेट कार्यक्रम की शुरुआत आज आगरा में केंद्रीय हिन्दी संस्थान के रजिस्ट्रार श्री चंद्रकांत त्रिपाठी ने की। उन्होंने इस तरह के कार्यक्रमों की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि इससे हिन्दी ब्लॉगिंग की दुनिया को अपने पैरों पर खड़े होने में मदद मिलेगी। ओजस सॉफ्टेक के निदेशक प्रतीक पांडे ने इस खास कार्यक्रम की विशेषता बताते हुए कहा-“ वेबसाइट्स-ब्लॉग्स को विज्ञापन मुहैया कराने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी गूगल हिन्दी को लेकर अभी भी बेरुखी अपनाए हुए है। गूगल के विज्ञापन अभी भी हिन्दी ब्लॉग और वेबसाइट को कई वजह से नहीं मिल रहे हैं। भारत में चंद कंपनियां ही एफिलेट प्रोग्राम्स चलाती हैं, जिनका इस्तेमाल न केवल तकनीकी तौर पर काफी झंझटभरा है,बल्कि उसमें आय की भी एक सीमा है। लेकिन, एस्ट्रोकैंपडॉटकॉम के इस एफिलेट प्रोग्राम का इस्तेमाल बेहद सरल है, और इसका इस्तेमाल कर लोग कितनी भी कमाई कर सकते हैं।”
ब्लॉगर या साइट के संचालक आसानी से एस्ट्रोकैंप के एफिलेट कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। एफिलेट कार्यक्रम को सामान्य अर्थों में विज्ञापन कहा जा सकता है। इसके लिए उन्हें सिर्फ एस्ट्रोकैंप की साइट पर जाकर एफिलेट प्रोग्राम का फॉर्म भरकर एक कोड हासिल करना होगा, जिसे वो अपने ब्लॉग अथवा वेबसाइट पर लगा सकते हैं। ब्लॉग या साइट संचालक एस्ट्रोकैंपडॉटकॉम/एफिलेट ( http://www.astrocamp.com/affiliate/ ) के लिंक पर जाकर फॉर्म भर सकते हैं। इस कार्यक्रम का हिस्सा बनने के बाद कंपनी अपनी आय का एक हिस्सा ब्लॉग-साइट के संचालकों के साथ बांटेगी। इस कार्यक्रम का भाषा से कोई लेना-देना नहीं है यानी हिन्दी-अंग्रेजी-गुजराती-मराठी आदि सभी भाषाओं की वेबसाइट-ब्लॉग इसमें शामिल हो सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि ओजस सॉफ्टेक प्राइवेट लिमिटेड ने हाल में मोबाइल फोन के लिए ज्योतिष का निशुल्क सॉफ्टवेयर बनाकर खासी सुर्खियां बटोरी थी। प्रतीक पांडे ने कहा, कंपनी को आशा है कि एफिलेट प्रोग्राम भी खासा सफल रहेगा और ब्लॉग-वेबसाइट के जरिए अपने पैरों पर खड़ा होने का अवसर तलाश रहे लोगों के लिए उपयोगी साबित होगा।


बस बहुत हुई उस खबर की चर्चा/ अब सवाल यह होता है क़ि इसका फायदा आखिर  कितने लोगो को मिला???


कितने ब्लॉग लेखर करोड़ पति बन गए? आखिर कब तक ऐसे झूठे दावों से लोगो को करोड़ पति बनने के सपने दिखाए जाते रहेंगे????


श्रवण कुमार शुक्ल

1 comment:

sks_the_warrior said...

aakhir kab tak aise jhoothe daawe hote rahenge???

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