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Sunday, November 11, 2012

अहमदियों और हिंदू/सिखों के बीच विद्वेष फ़ैलाने की कोशिश

Afzaal Ahmad Zeeshan

पाकिस्तान में आजकल सुन्नी मुस्लिमों का ग्रुप अहमदी मुस्लिम्स और हिंदू/सिख समुदाओं के बीच तनाव पैदा करने में काफी सक्रिय है.
पाकिस्तान के रबवाह(चिनाव नगर) के रहने वाले अफ़जाल अहमद ज़ीशान नाम के युवा ने जब इस मेरा ध्यान आकर्षित करा एक फोटो दिखाई, जिसपर कुछ लिखा है. जिसका हिंदी/रोमन अनुवाद उसी की जुबानी : .. (Likha h k : ek jaga ahmadi (marzai) or hindu bethe the ahmadi hindu ko apna dharam samjhane laga toh hindu hansne lag gea. or ahmadi ko laga k hindu ko mera dharam acha laga.toh ahmadi kehta h k agar tum man gaye ho toh meri nabi ko nabi bolo. hindu hansta rehta h toh ahmadi puchta h hans kyu rhe ho ?? toh hindu bolta h k isliye k mai toh kbi sache nabi ko nai manta (mtlb tum logo ko jhuta kaha h is jaga k hum log toh kisi sache ko nai mante) toh tu mjhe is jhute ko kyu manwa rha h..:(yeh likha h)

 कृपया ऐसी किसी भी प्रकार के दुष्प्रचार से बचें

अब उर्दू में क्या लिखा है इसका जवाब कोई उर्दू विशेषज्ञ ही दे सकता है लेकिन इन गतिविधियों की वजह से पाकिस्तान में रहने वाले अल्पसंख्यकों खासकर अहमदी मुस्लिमों के मन में भय व्याप्त है.|
यकीं मानिए, मेरा इरादा किसी समुदाय को गलत ठहराने या उनकी बुराई का नहीं है. लेकिन ऐसे किसी भी कुकृत्य को रोकने के लिए जो बन पड़ेगा वह किया जाएगा

Saturday, November 10, 2012

लगभग कैद की अवस्था में हैं विजया भारती


पिछले कई दिनों से भोजपुरी की श्रेष्ठ गायिकाओं में से एक विजया भारती जी की तबियत और उनके पति के साथ चल रहे कहा-सुनी/घरेलू हिंसा की ख़बरें पढता/सुनता आ रहा हूं. अब जबकि उनके पति पर आरोप है कि उन्होंने जबरदस्ती मारपीट करके उन्हें इलाज के बहाने विमहंस(VIMHANS, Lajpat Nagar, New Delhi) अस्पताल में कैद कर रखा है तो मेरी भी जानने की इच्छा हुई कि उनका हाल चाल लिया जाए. लेकिन वहां दिन में दो बार जाने पर जो कुछ पता चला कि कहानी पूरी तरह हैरतअंगेज और दंग कर देने वाली है. उन्हें कई दिनों से मानसिक रोगियों के अस्पताल(VIMHANS, Lajpat Nagar, New Delhi) के मानसिक रोगी कक्ष संखा 2 (दों) डॉक्टर कुशल जैन की देखरेख में लगभग कैद की अवस्था में रखा गया है न ही उन्हें किसी से मिलने की इजाजत है और न ही किसी से बातचीत की(यहां तक की अस्पताल स्टाफ से भी). वजह पूछने पर बताया गया कि डाक्टर साहब का आदेश है! अब जबकि इस हालत में परिवार का कोई न कोई सदस्य वहां मौजूद होना चाहिए, वहां से पूरा परिवार ही नदारद है! दोपहर के बाद से परिवार का कोई भी सदस्य न ही उनसे मिलने आया और न ही खोजखबर लेने की कोशिश हुई दोपहर उनकी पुत्री मिलने आई हुई थी,  ऐसी हालत में उन्हें अकेला छोड़ दिया गया है! खबर है कि उनका पुत्र( नाम B...) अबतक उनसे मिलने आ जाया करता था अब वह भी नहीं आएगा. वह कल यानी दिन शुक्रवार को जयपुर के लिए निकल रहा है!
सुबह पुत्र से लगभग झड़प हो जाने के बाद आज शाम फिर से विमहंस अस्पताल गया, सिर्फ यह जानने के लिए कि उनकी तबियत अब कैसी है. पता चला कि उनसे अब भी किसी को मिलने की अनुमति नहीं है(सिवाय उनके पत्रकार पति ओंकारेश्वर पाण्डेय(एडिटर-द संडे इंडियन, जिनपर उन्हें प्रताड़ित करने का आरोप भी है), पुत्र (भव्य), पुत्री और उनके भाई के.) और न ही उनके बारे में कोई जानकारी दी जा सकती है. अस्पताल प्रशासन ओंकारेश्वर पाण्डेय के बड़े कद की वजह से कुछ भी कहने/सुनने से इनकार चुका है! काफी मुश्किल से उनके कक्ष तक तो पहुँच गया लेकिन उनसे मिलने नहीं दिया गया. खैर उनके जल्द ठीक होने/डिस्चार्ज होने की कोई उम्मीद बंधती नहीं दिख रही है!
उससे पहले मैं बता दूं कि कल यानी बुधवार को उनके फोन पर कॉल करने पर उनके बेटे ने फोन रिसीव किया और बताया कि हाईब्लड प्रेसर की वजह से उन्हें डाक्टर्स की देखरेख में रखा गया है जबकि आज सुबह मिलने के बाद उसने बात करने से मना कर दिया उसपर से यह कहने लगा कि आप सबका काम है न्यूज बनाना... अब इन्हें कौन बताए कि बाप-बेटे अगर यह लाइन नहीं बोलते तो शायद यह खबर बनती भी नहीं. मैंने जवाब में कहा कि यही काम तो आपके पिताजी लगभग सारी ज़िंदगी करते आये हैं तो यह आज अजीब क्यूँ? खैर छोडिये वह तो बच्चा था.. ठीक यही बात खुद आज रात लगभग १०.३० बजे आंकारेश्वर पाण्डेय ने खुद भी कही कि आपलोग अपने मन से झूठ मूठ की ख़बरें बनाकर मीडिया में फैलादेते हैं. जबकि मेरे बेटे की बातों को कोट नहीं करते(ज्यादा समझ में नहीं आया. जबकि बातों से ऐसा लग रहा था कि कुछ(अल्कोहल) अंदर कर चुके हैं(कहना मुश्किल था)! इतना कहकर फोन डिस्कनेक्ट कर दिया. अब देखते हैं कि कल तक क्या स्थिति रहती है..! फ़िलहाल इतना तो तय है कि भारती जी गहरी मुश्किल में हैं और उन्हें आप और हम सबके साथ की जरुरत है.

उल्लेखनीय है कि विजया भारती का अपने पत्रकार पति ओंकारेश्वर पांडेय के साथ लंबे समय से झगड़ा चल रहा है. विजया भारती का आरोप है कि उनके पति लंबे समय से उन्हें मारते पीटते रहे हैं. आरोप है कि- पिछले साल दिसम्बर में ओंकारेश्वर ने दूसरी मंजिल से धक्का दे दिया, जिससे मेरी दाहिने कुल्हे की हड्डी छह टुकड़ों में बंट गई. धक्का देने के बाद ओंकारेश्वर गाड़ी उठा कर वहां से भाग गये. उस हालत में भी मैं खुद उठी, डाक्टर के पास गई, एक्स-रे कराया, और फिर महुआ के सेट पर शूटिंग के लिए पहुंची.”  गौरतलब है कि भोजपुरिया समाज में खासा प्रसिद्ध विजया भारती की शादी ओंकारेश्वर पाण्डेय (द संडे इंडियन के संपादक) से 1994 में हुई थी जिनसे उन्हें एक पुत्र और पुत्री है! कुछ अन्य जानकारी मिलते पर वह कमेन्ट के माध्यम से आप सबतक पहुंचा दी जायेगी!

Thursday, November 8, 2012

Cellphone Spying : Just Know About Cell Phone Tracker Software


Thanks to advancing technology and the prevalence of everyday cell phone use, the use of software developed to track and spy on cell phone activity is on the rise. The ease with which one can monitor the mobile phone activity of another is seen as both a benefit and a bane. However, the benefits of these applications cannot be denied.
They allow stolen cell phones to be retrieved and help parents stay aware of the location of their children. The GPS tracking capabilities of such applications can also be used by the authorities to determine the precise location of a caller in crisis, and also enable users to precisely map out travel routes. This functionality has clear advantages, but as you might expect, that is only half of the story.
Legal and Moral Concerns
Some may assert, and rightfully so, that the value of a tool is determined by its use. While the above mentioned applications are clearly benevolent, there are some obvious uses for this technology that are a bit more controversial, and verge on invasion of privacy. While some might argue that a wife has the right to keep tabs on her husband without his knowledge or consent, most people feel that a disgruntled ex-lover using this technology to effectively stalk his former partner borders on criminal.
In fact, if you asked 100 people if they would be okay with someone tracking their activities via their mobile phone data, I am sure the vast majority would take issue with it. Privacy is something we tend to take for granted until it is taken away from us and this tool has the capability to do just that. While this technology is currently legal, using it in the commission of a crime is certainly not, and such intrusions are subject to legal ramifications.
cell phone tracker screenshot
How the Technology Works
Think of your cell phone as a two way radio. The inbuilt transmitters in your phone communicate will cell towers in the vicinity. Digital signals are transferred from these towers to your phone, allowing you to communicate with other via these signals. In urban areas the proximity of such towers usually allows you to seamlessly receive signals from a series of towers as you move from one location to the next.
There are two methods cell phone tracker software can monitor the activity of a cell phone:
  • Network Based Location
  • Handset Based Location
Network based location relies on a network of cells to pinpoint the location of the phone. This can be done with precision in urban areas, but the lack of towers in rural locals make for less accurate results.
Handset based location uses features built into the cell phone to track it. As many phones have built in GPS capability, this can be used to track a phone very precisely in all but the most rural locations. The most current, full featured mobile tracking programs used this form of tracking, as it allows a user to monitor virtually all activity that takes place on the phone being tracked.

For more details visit : http://swadeshidetectives.com/

Monday, October 29, 2012

सुब्रमण्यम स्वामी के खुलासों से सोनिया-राहुल पस्त, मीडिया फिर भी मस्त

27 Oct को डॉ सुब्रमण्यम स्वामी ने सोनिया गाँधी और राहुल गाँधी की फर्जी कंपनियों के बारे में प्रेस वार्ता में खुलासा किया। डॉ स्वामी ने विभिन्न इंडियन पेनल कोड के धाराओ के बारे में भी बताया जिनके अंतर्गत सोनिया गाँधी और राहुल गाँधी दोषी है। डॉ स्वामी ने राहुल गांधी के स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख के पिक्टेट बैंक में खाता होने का सनसनीखेज खुलासा करने के साथ ही आरोप लगाया है कि गांधी खानदान ने विभिन्न देशों में दर्जनों फर्जी कंपनियों बनाई। अरबों का धन बटोरा फिर कंपनी बंद कर दी। कांग्रेस के धन से दिल्ली का हेराल्ड हाउस कौड़ियों के भाव खरीदा जिसकी बाजार कीमत हजार करोड़ से अधिक है। डॉ स्वामी ने कहा की इनकी कंपनियों में विदेशी निवेश भी हुआ है इसलिए इसके जांच SIT से की जानी चाहिए। डॉ स्वामी ने कहा की उन्होंने अभी 27 में से केवल कंपनियों के बारे में जानकारी दी है। आगे जाकर वो सभी कंपनियों और उसमे हुए अनियमित्ताओ के बारे में जानकारी देगे। डॉ स्वामी कहते है की सोनिया गाँधी और राहुल गाँधी को इस्तीफा देना चाहिए। पूरा वीडियो देखने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें .

 http://www.youtube.com/watch?v=RfQohTipfkg&feature=youtu.be&noredirect=1


वो कहते है कि वो केजरीवाल की तरह केवल आरोप लगा कर भागने वाले नहीं है। वो इन आरोपों को न्यायालय में ले जायेंगे और इन मुद्दों को अंत तक ले जायेंगे।
डॉ स्वामी ने यह भी बताते है कि किस प्रकार से सोनिया गाँधी विभिन्न घोटालो में संलिप्त है और किस प्रकार से सोनिया गाँधी ने अनेको येसे काम किये है। जिसके लिए उन्हें कानूनी तौर पर सजा मिलनी चाहिए। डॉ स्वामी कहते है की सोनिया गाँधी का चोरी करने का इतिहास रहा है सबसे पहले इनसुरेन्स एजेंट बनकर चोरी कियाफिर मारुती का टेक्निकल डायरेक्टर बनकर चोरी कियाफिर वो झूटे तरीके से वोटर बन गयीराहुल गाँधी जब पैदा हुआ तो उसको इतालियन नागरिक बना दिया। तो इस तरह से सब कुछ मिला कर यह देश का सबसे महाभ्रुस्त परिवार है यह और इस परिवार की पोल खोलने की प्रक्रिया आज से उन्होंने सुरु कर दी है।

श्रवण कुमार शुक्ल/ Shravan Kumar Shukla

Monday, October 1, 2012

जिंदगी जीने का एक ज़रिया-एक मुनासिब मकसद हासिल हो जाए

( Zindagi jeeney ka ek naya zaria -ek munasib maksad haasil ho jaaye)

कोशिशें हैं दुनिया में कि सबको खुश रखूं,
शायद उनकी खुशिओं में थोड़ी खुशी हमें भी नसीब हो जाए!

जिंदगी भर सबको मिलाने की कोशिशें करता रहा है दिल,
ताकि मिलते-मिलाते लोगों में कहीं मेरी जान भी मिल जाए!

दुनिया में सबकी खुशिओं को प्यार में ऐसे रंग दूं,
कि उनके रंगों में रंगकर जिंदगी को भी नया रंग मिल जाए!

चाहता हूं प्यार से सारे जहां को रोशन करूं,
जिनमे रोशन हो कभी मेरा प्यार - मेरी जिंदगी मुझे मिल जाए!

प्यार के मौके मैं लोगों के लिए तलाशता फिरूं,
ताकि कोई प्यार की खुशबू को महसूसकर किसी और का प्यार मिलाने में फना हो जाए!

प्यार भरी बांछों की पहलुओं में खोना चाहता हूं मैं,
जहाँ खुदा के रहम--करम से वो मेरी जान मुझे मिल जाए!

उसके ही ख़्वाबों के रंग से रंगकर गुजरती है जिंदगी,
वो मिल जाए तो मेरी जिंदगी भी प्यार के रंगों में रंगीन हो जाए!

जिंदगी के तमान रास्तों में चलकर वो रास्तें बनाऊं,
जिनसे होकर सारे जहां को प्यार के नए ठिकाने मिल जाए!

दुनिया के संकरे कोनों में खोई हुई वो गलियां ढूंढ निकालूं मैं,
जहां किस्मत से किसी की जिंदगी के खोये पहलू मिल जाए!

ताउम्र प्यार करना चाहता हूं मै अपनी जान--जिंदगी को,
जिनसे होकर मुझे जिंदगी जीने का एक ज़रिया-एक मुनासिब मकसद हासिल हो जाए!

उम्मीद है प्यार के उस ठिकाने को जल्द खोज लेंगें हम,
जहां से इश्क की दरिया को पार कर लें हम या मौत के आगोश में समां जाए!
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