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Thursday, August 15, 2013

शहीदों के परिवार से मिलने का वक्त नहीं है गृहमंत्री के पास!

शहीद नही है भगत सिंह 
दीपक शर्मा


सुशील कुमार शिंदे सात जनम भी ले लें तो शायद भगत सिंह की क़ुरबानी की बराबरी नही कर सकेंगे. उनके डिप्टी आरपीएन सिंह के बारे में क्या कहूँ. हैरत है इन दोनों के पास भगत सिंह के परिवार के लिए मिलने का समय नही.


रोबर्ट वाड्रा की तरह भगत सिंह के परिवार से यादवेन्द्र सिंह कोई ज़मीन जायदाद की भीख मांगने के लिए शिंदे से मिलना नही चाहते थे..
यादवेन्द्र ने ८ अगस्त को पत्र लिखकर आरपीएन सिंह से कहा था की गृह मंत्रालय ने भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को शहीद का दर्ज़ा देने पर गोल मोल जवाब दिया इस पर उनका परिवार दुखी है. वे चाहते है की सरकार भगत सिंह को उचित सम्मान दे. 
इस पर आरपीएन सिंह के स्टाफ ने यादवेन्द्र से कहा की मंत्रीजी अभी व्यस्त है और संसद सत्र खत्म होने पर वो मिल सकते है.देश के लिए ज़ज्बा रखने वाले बहुत से लोग ग्रह मंत्रालय की इस गुस्ताखी पर नाराज़ है. पर मै नही. सरकार भगत सिंह को शहीद मान कर अपना कद घटा रही है. शिंदे और आरपीएन सिंह कितने छिछले हैं ये सामने है.
मित्रों सत्ता के गलियारे में नीरा राडिया के लिए लाल कालीन बिछी है पर भगत सिंह और सुखदेव के परिवार को ठोकर मिल रही है. १५ अगस्त की पूर्वसंध्या पर इस से ज्यादा और लिखूंगा तो शायद शब्दों का संतुलन खो दूंगा.
यादवेन्द्र भगत सिंह का नंबर ९८१०२९४७०२
राजगुरु के पौत्र सत्यशील राजगुरु का नंबर ९८२२०१२००३ 
बटुकेश्वर दत्त की बेटी प्रोफेसर भारती का नम्बर ९४३००६१५८७ 
मंगल पाण्डेय के पद्पौत्र रघुनाथ पाण्डेय का नंबर ९८९९३७५३५० 

आजादी के दिन शहीदों के इन खून को सन्देश देकर इनका सम्मान करें

आजतक के वरिष्ठ पत्रकार दीपक शर्मा के वाल से!
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Friday, January 11, 2013

पाकिस्तानी करतूतें और जनाक्रोश!


श्रवण शुक्ल: बड़ी मुश्किल से मिलता है यह मौका,
जब देश के लिए लड़ते हुए किसी की जान चली जाए !!श्रधांजलि शहीदों!!
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Shravan Shukla
Mo- 9871283999; 9716687283

अब आते हैं मुद्दे पर: 

एक तरफ पाकिस्तान लगातार भड़काने वाली कार्यवाही कर रहा है तो वहीँ भारतीय भी गुस्से में भरे हुए हैं। इस दौरान फेसबुक पर एक दम अलग-अलग स्टेटस भी देखने को मिले। कहीं कोई शांति की पैमाइश करता नजर आ रहा है तो कोई कह रहा है कि पाकिस्तान से खुले-आम बदला लिया जाए। इसी दौरान कोई युवा इंडियन आर्मी के फेसबुक पेज पर पाकिस्तान के किसी नवुत्साही युवा को अपशब्दों का प्रयोग कर उनकी औकात याद दिला रहा तो वहीं पाकिस्तानी भी इस मामले में कम नजर नहीं आए।

जन और धन की बर्बादी तो दोनों तरफ हुई है लेकिन सबसे ज्यादा आग आम जनता के दिलों में है। इसबीच खबर आ रही है कि आज पाकिस्तान ने भारत और पाकिस्तान के बीच चलने वाली बस सेवा ‘पैगाम-ए-अमन’ को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने की घोषणा कर दी। यह बस सेवा भारत के जम्मू कश्मीर और पाक अधिकृत आज़ाद कश्मीर के बीच चलती है।

ऐसे में कुछ मजेबर फेसबुक स्टेटस आपके बीच मैं शेयर कर रहा हूं:

१: पाकिस्तान को खत्म करने के लिए परमाणु बम की जरूरत क्या है? हम सिर्फ एक कहावत अगर अप्लाय कर दें तो? वैसे भी दो चार कड़े कदम उठाने की देर है .. पूरा पाकिस्तान बंजर हो जाएगा ..! १ - हम सभी भारत वासी .. बोर्डर पर सु-सु कर दें.. दूसरा पाकिस्तान जाने वाली सदा-नीरा नदियों की धरा मोड दें..! इससे ज्यादा की जरूरत नहीं..! सिर्फ एक बात कहूंगा..! इच्छाशक्ति की घोर कमी है हमारे यहां..वरना चरक-चाणक्य-चंद्रगुप्त तीनों यहीं की पैदाइश हैं

२: इंडियन आर्मी के पेज पर एक मित्र कुछ कहते हैं.(नीचे है) . : सुनकर आश्चर्य हुआ .. हमारे हिन्दुस्तानी दुःख की खड़ी में भी जबरन संभोग करने की हिम्मत रखते हैं....:
Naveid Hodeker: 2 रूपए में दो शोट्स, एक हिना रब्बानी से और एक सरफराज(सरफराज़ नाम के किसी पाकिस्तानी ने गाली दी थी) की मां से!
अब बता बेटा, मन में लड्डू फूटा? 2 रूपए में दो शोट्स !! :P :P

३: बहुत पहले किसी सैन्य अधिकारी ने कहा था , जितना पैसा खर्च करके हम सीमा पर बरसों से पहरेदारी करते आ रहे हैं उसके आधे से भी कम पैसे में पाकिस्तान जैसे देशों को मसल कर रख सकते हैं । अब समय आ गया है जब सामरिक नीतियों पर निर्णायक फ़ैसले व तमाम नियम कायदे खुद सेना को बनाने व लेने दिए जाएं , बहुत हो गया साला दिल्ली वर्सेस लाहौर का ट्वेंटी-ट्वेंटी ...... via अजय कुमार झा

इस बीच मैंने Om Thanvi जी का स्टेटस देखा..! कहते हैं युद्ध में सिर्फ बर्बादी होती है..हिरोशिमा-नागासाकी का हाल देखा है हमने...! लेकिन मुझे लगता है कि हिरोशिमा-नागासाकी से ज्यादा भयावह स्थिति जम्मू-कश्मीर में है.! जहां बलपूर्वक ही सही, शांति कायम की जानी चाहिए.! हम कब तक रंडी-रोना रोते रहेंगे, बलात तरीके से छीनी गई भूमि के लिए? जितनी भूमि पाक के अवैध कब्ज़े में है.. उतनी भूमि में हिरोशिमा-नागासाकी छोडिए, 10 जापान बनाए जा सकते हैं.!

मेरी नजर में एक बार बलात तरीके से हथियाई गई ज़मीन को छीनने के लिए बलात्कारी तरीका ही इस्तेमाल में लाया जाना चाहिए..! बलात्कार पाकिस्तानी महिलाओं का नहीं बल्कि पाकिस्तान की उस झूठी अस्मिता का, जिसका दंभ भरते-भरते वो अक्सर ऐसी कायराना हरकते किया करता है..! कुछ तथाकथित कम्युनिष्टो को तकलीफ हो सकती है लेकिन मैं अपने स्टैंड पर कायम हूँ.!!
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